DPDP Act क्या है? फुल फॉर्म, नियम और तारीखें (2026)
By Abhijeet Singh · Primary sources verified by dpdprules.orgPublished · Last reviewed 6 min read
DPDP Act क्या है और कब से लागू होगा?
The short answer
DPDP का फुल फॉर्म है Digital Personal Data Protection। डिजिटल वैयक्तिक डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Act No. 22 of 2023) भारत का डेटा संरक्षण कानून है, जिसे 11 अगस्त 2023 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। DPDP Rules 2025 इस कानून को लागू करते हैं और 13 नवम्बर 2025 को अधिसूचित हुए। यह कानून चरणों में लागू हो रहा है: कुछ प्रावधान 13 नवम्बर 2025 से लागू हैं, Consent Manager पंजीकरण की गणना की गई तारीख 13 नवम्बर 2026 है, और मुख्य दायित्व, जैसे नोटिस, सहमति, सुरक्षा उपाय और डेटा उल्लंघन की सूचना, गणना की गई तारीख 13 मई 2027 से लागू होंगे। गणना की गई तारीखें आधिकारिक पुष्टि होने तक व्याख्या मानी जाती हैं। जुर्माना अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक हो सकता है, पर जुर्माना लगाने की धारा 33 भी तीसरे समूह में है और 4 सितम्बर 2026 को लागू नहीं है।

DPDP का फुल फॉर्म है Digital Personal Data Protection, यानी डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण। इस नाम से दो चीज़ें जानी जाती हैं: DPDP Act 2023, जो भारत की संसद का बनाया कानून है, और DPDP Rules 2025, जो इस कानून को व्यवहार में लागू करते हैं।
DPDP Act 2023 क्या है
डिजिटल वैयक्तिक डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (Act No. 22 of 2023) को 11 अगस्त 2023 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। यह कानून डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए बनाया गया है और दो बातों को साथ लेकर चलता है: व्यक्ति का अपने डेटा की सुरक्षा का अधिकार, और वैध कारणों से डेटा का उपयोग करने की आवश्यकता। इसमें 44 धाराएँ और जुर्माने की एक अनुसूची है। हर धारा का आधिकारिक पाठ इस साइट पर उपलब्ध है: DPDP Act, धारा दर धारा।
प्रसंस्करण का आधार दो में से एक होता है: सहमति, या धारा 7 में गिनाए गए कुछ वैध उपयोग (certain legitimate uses), जिनमें रोज़गार से जुड़े उद्देश्य शामिल हैं। राजपत्र में धारा 7 इस नाम से छपी है, "Certain legitimate uses", और उसका पाठ पृष्ठ 6 पर शुरू होकर पृष्ठ 7 पर समाप्त होता है; अधिनियम का कोई आधिकारिक हिंदी पाठ उपलब्ध नहीं है, इसलिए यहाँ अंग्रेज़ी राजपत्र मुद्रण का हवाला दिया गया है। धारा 7 अठारह महीने वाले समूह में है, जिसकी गणना 13 मई 2027 बनती है और यह आधिकारिक पुष्टि तक व्याख्या है। धारा 6 दो समूहों में बँटी है, इसलिए तारीखों के लिए नीचे "कब से लागू होगा" देखें।
किस पर लागू होता है
यह कानून भारत में डिजिटल रूप में एकत्र या बाद में डिजिटाइज़ किए गए व्यक्तिगत डेटा पर लागू होता है। भारत के बाहर होने वाले प्रसंस्करण पर भी लागू होता है, अगर वह भारत में लोगों को वस्तुएँ या सेवाएँ देने से जुड़ा हो। व्यक्तिगत या घरेलू उपयोग के लिए और स्वयं सार्वजनिक किए गए डेटा पर यह लागू नहीं होता। आपके संगठन पर यह लागू होता है या नहीं, यह जानने के लिए applicability checker उपलब्ध है। ध्यान रहे कि दायरा तय करने वाली धारा 3 भी तीसरे समूह में है, इसलिए 4 सितम्बर 2026 को वह भी लागू नहीं है; नीचे "कब से लागू होगा" देखें।
कब से लागू होगा
यह कानून एक साथ नहीं, चरणों में लागू हो रहा है। अधिनियम के लिए यह बँटवारा अधिसूचना सा.का.नि. 843(अ) / G.S.R. 843(E) करती है, और नियमों के लिए DPDP नियम 2025 का नियम 1। इस लेख की हिंदी साइट की अपनी है: पैरा (a), (b), (c) और पृष्ठ संख्याएँ अंग्रेज़ी राजपत्र मुद्रण की हैं, क्योंकि अधिनियम का कोई आधिकारिक हिंदी पाठ उपलब्ध नहीं है और नियमों के हिंदी पाठ की मशीन पठनीय परत भरोसे लायक नहीं है, इसलिए यहाँ राजपत्र से कोई हिंदी उद्धरण नहीं दिया गया।
- 13 नवम्बर 2025 से लागू, और यह तारीख राजपत्र में छपी है: अधिनियम की धारा 1(2) और धारा 2, धारा 18 से 26, धारा 35 और धारा 38 से 43, तथा धारा 44(1) और 44(3); और नियम 1, 2 तथा 17 से 21। इनमें परिभाषाएँ, Data Protection Board of India से जुड़े प्रावधान, और नियम बनाने की शक्ति जैसे अन्य प्रावधान आते हैं। आधार: अधिसूचना का पैरा (a), और नियम 1(2)।
- गणना की गई तारीख 13 नवम्बर 2026, अभी लागू नहीं: अधिनियम की धारा 6(9) और धारा 27(1)(d), तथा नियम 4। यही Consent Manager के पंजीकरण का समूह है, और धारा 27(1)(d) उसी पंजीकरण की शर्त टूटने पर Board की जाँच और जुर्माने की शक्ति है। आधार: अधिसूचना का पैरा (b), और नियम 1(3)।
- गणना की गई तारीख 13 मई 2027, अभी लागू नहीं: अधिनियम की धारा 3 से 5, धारा 6(1) से 6(8) और 6(10), धारा 7 से 17, धारा 27 (धारा 27(1)(d) को छोड़कर), धारा 28 से 34, धारा 36 और 37, तथा धारा 44(2); और नियम 3, नियम 5 से 16, तथा नियम 22 और 23। इसी समूह में मुख्य दायित्व हैं: नोटिस, सहमति, सुरक्षा उपाय, डेटा उल्लंघन की सूचना, व्यक्तियों के अधिकार और जुर्माना। आधार: अधिसूचना का पैरा (c), और नियम 1(4)।
4 सितम्बर 2026 की स्थिति यह है कि इन तीन समूहों में से केवल पहला लागू है। यह अंतर मामूली नहीं है: जो दायित्व सबसे ज़्यादा चर्चा में रहते हैं, जैसे नोटिस, सहमति, सुरक्षा उपाय और डेटा उल्लंघन की सूचना, वे सब तीसरे समूह में हैं और आज लागू नहीं हैं।
दूसरी और तीसरी तारीख न अधिसूचना में लिखी है, न नियमों में। दोनों जगह तारीख के बजाय अवधि दी गई है, एक वर्ष और अठारह महीने, और उसे राजपत्र की प्रकाशन तिथि 13 नवम्बर 2025 से गिनकर 13 नवम्बर 2026 और 13 मई 2027 निकाला गया है। न अधिसूचना यह बताती है कि अवधि किस तरह गिनी जाए, न नियम, इसलिए ये गणना की गई तारीखें हैं और आधिकारिक पुष्टि होने तक व्याख्या मानी जाती हैं।
कुछ आधिकारिक रिकॉर्ड में इस राजपत्र की तारीख 14 नवम्बर 2025 भी दर्ज है, और उससे हर आगे की तारीख एक दिन खिसक जाती है; यह साइट राजपत्र पर छपी तारीख से गिनती है। अंग्रेज़ी में यह फ़र्क 13 or 14 November पर है, यही तुलना what is in force पर है, और पूरी समयरेखा प्रमाणित स्रोतों के साथ timeline पर है।
जुर्माना कितना है
अधिनियम की अनुसूची में जुर्माने की अधिकतम सीमाएँ दी गई हैं। सबसे बड़ी सीमा 250 करोड़ रुपये है, जो उचित सुरक्षा उपाय न रखने पर लागू हो सकती है। डेटा उल्लंघन की सूचना न देने पर सीमा 200 करोड़ रुपये है। ये सीमाएँ हैं, कोई तय रकम नहीं, और जुर्माना लगाने की धारा 33 तीसरे समूह में है, इसलिए 4 सितम्बर 2026 को यह शक्ति लागू नहीं है। पूरा विवरण penalties लेख में है।
आधिकारिक दस्तावेज़ हिंदी में
DPDP Rules 2025 का आधिकारिक हिंदी पाठ भारत के राजपत्र (राजपत्र सं. 760) में प्रकाशित हुआ है और आधिकारिक दस्तावेज़ पृष्ठ से उपलब्ध है। इस साइट का हर कानूनी दावा आधिकारिक स्रोत के सटीक संदर्भ के साथ आता है।
अंग्रेज़ी में विस्तृत जानकारी के लिए: What is DPDP?
What is DPDP? The English explainer →आधिकारिक दस्तावेज़: DPDP Act PDF और हिंदी राजपत्र →